मुमकिन नहीं
मुझे तुमसे प्यार है मगर तुमपे यकीन नहीं है
इस वजह से तेरे साथ चलना मुमकिन नहीं है
मैंने जब वफा करनी चाही तब तुमने मुझे ठुकराया
अब वो चोटें भुलाकर तुझे अपनाना मुमकिन नहीं है
जाने क्या हुआ जो आज तुम लौटकर पास आए हो
आज मुझे क्या हुआ, यह भी बताना मुमकिन नहीं है
जिन जख्मों को भरने में अभी कई मौसम लगेंगे
उनको फिर से कोई ठेस लगाना मुमकिन नहीं है
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love shayri
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