tum yaad kar lena....
ग़ज़ल
जहाँ जब साथ छोड़े तो मुझे तुम याद कर लेना।
सताये याद जब मेरी मुझे तुम याद कर लेना।।
भले ख्वाईश व खुशियों से अभी दामन तू भर ले पर,
अकेलापन सताए तो मुझे तुम याद कर लेना।
न शिकवा है कोई तुमसे न कोई अब शिकायत है,
अगर तुमको शिकायत हो मुझे तुम याद कर लेना।
खुदा लाये न भूले से अँधेरा तेरे जीवन में,
मगर भटको कभी रहें मुझे तुम याद कर लेना।
कि याद आती है मुझको आज भी गुजरी हुई रातें,
सताए याद तुमको भी मुझे तुम याद कर लेना।
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